Pakistan judiciary vs military: पाकिस्तान में सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर का सिक्का किस कदर चल रहा है, इसकी एक और चौंकाने वाली बानगी सामने आई है। खैबर पख्तूनख्वा (KP) राज्य के निर्वाचित मुख्यमंत्री को अदालत का स्पष्ट आदेश होने के बावजूद आडियाला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से मिलने नहीं दिया गया। (Pakistan judiciary vs military) जेल प्रशासन ने सरेआम मुख्यमंत्री को रोक दिया और कहा कि उन्हें इमरान खान से मिलने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इस घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान की राजनीति में सेना के हस्तक्षेप और न्यायिक आदेशों की अवहेलना को उजागर कर दिया है।
Pakistan judiciary vs military: ‘एक CM को क्यों रोका गया?’
इमरान खान से मुलाकात न होने पर खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने जेल के बाहर मीडिया से बात करते हुए सरकार और पाकिस्तानी सेना पर जमकर निशाना साधा। (Pakistan judiciary vs military) अफरीदी ने पूछा, “यह आश्चर्यजनक है कि एक निर्वाचित मुख्यमंत्री को अदालत के आदेशों के बावजूद अपनी ही पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष से मिलने नहीं दिया जा रहा।”
उन्होंने अपनी पार्टी पीटीआई (PTI) और इमरान खान की बहनों पर हो रहे अत्याचारों पर भी सवाल उठाया, जिन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पानी की बौछारों का इस्तेमाल कर तितर-बितर कर दिया गया था। (Pakistan judiciary vs military) मुख्यमंत्री ने तीखे सवाल के साथ अपनी बात रखी, “क्या इससे यह संकेत दिया जा रहा है कि खैबर पख्तूनख्वा को पाकिस्तान का हिस्सा नहीं माना जाता?”
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“पीटीआई सत्ता में आई तो हिसाब होगा”
इमरान खान से न मिल पाने से आक्रोशित अफरीदी ने मीडिया के सामने ही पाकिस्तान की संघीय सरकार और पाकिस्तानी पंजाब प्रांत की सरकार को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जब पीटीआई केंद्र की सत्ता में लौटेगी, तब संघीय और पंजाब सरकार के नेतृत्व को इसके परिणाम भुगतने होंगे और उनसे हिसाब लिया जाएगा।
अफरीदी ने दावा किया कि पिछले तीन वर्षों से “इमरान को राजनीति से बाहर करने” की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन सभी नाकाम रही हैं। उन्होंने सरकार और “वास्तविक सत्ता” रखने वालों को संदेश दिया कि उन्हें महमूद खान अचकजई और अल्लामा राजा नासिर अब्बास से बातचीत करनी चाहिए, क्योंकि इमरान खान ने उन्हें वार्ता में अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया है। बुधवार सुबह अधिकारियों ने इमरान खान की बहनों सहित प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया, जो पूर्व प्रधानमंत्री से मुलाकात न करने दिए जाने पर अडियाला जेल के बाहर धरने पर बैठे थे।
