Pakistan Attack News: पाकिस्तानी सेना और स्थानीय पुलिस के अनुसार, यह हमला खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुआ, जो अफगानिस्तान की सीमा से लगा हुआ क्षेत्र है। यह इलाका अतीत में पाकिस्तानी तालिबान और अन्य उग्रवादी संगठनों की गतिविधियों के लिए जाना जाता रहा है। सुरक्षा चौकी को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के कई मकान ढह गए। इससे कई स्थानीय नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि पास की एक मस्जिद को भी नुकसान पहुंचा।
Pakistan Attack News: हमले की रणनीति और सुरक्षा बलों की कार्रवाई
सेना के बयान के मुताबिक, हमलावरों ने पहले चौकी की सुरक्षा घेराबंदी तोड़ने की कोशिश की। जब वे इसमें सफल नहीं हो सके, तो विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी को चौकी की बाहरी दीवार से टकरा दिया। (Pakistan Attack News) इसके बाद हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने सभी हमलावरों को मार गिराया। सेना ने दावा किया कि सुरक्षा बलों की तत्परता से एक बड़े नुकसान को टाल दिया गया।
जिम्मेदारी और आरोप
हालांकि किसी भी संगठन ने तत्काल हमले की जिम्मेदारी नहीं ली, लेकिन पाकिस्तानी सेना ने इसके लिए तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को जिम्मेदार ठहराया है। (Pakistan Attack News) सेना का कहना है कि इस हमले की योजना अफगान सीमा के उस पार बनाई गई और वहीं से इसे निर्देशित किया गया। दूसरी ओर, अफगानिस्तान की ओर से इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। अफगान तालिबान पहले भी यह कहते रहे हैं कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ नहीं होने देते।
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कूटनीतिक प्रतिक्रिया और बढ़ता तनाव
हमले के कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय सक्रिय हुआ और इस्लामाबाद में अफगान तालिबान के उप-मिशन प्रमुख को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। (Pakistan Attack News) मंत्रालय ने अफगान भूमि से संचालित आतंकी गतिविधियों की पूर्ण जांच और दोषियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की मांग की। साथ ही यह अपेक्षा जताई गई कि अफगान तालिबान अपने क्षेत्र में सक्रिय सभी आतंकी समूहों के खिलाफ ठोस और सत्यापन योग्य कदम उठाएंगे।
पृष्ठभूमि में तनाव
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव हाल के महीनों में बढ़ा है। अक्टूबर में सीमा पर झड़पें हुई थीं और काबुल में हुए विस्फोटों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप लगे। कतर की मध्यस्थता से युद्धविराम तो हुआ, लेकिन नवंबर में तुर्की में हुई बातचीत किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। यह हमला दोनों देशों के बीच पहले से नाजुक रिश्तों को और चुनौतीपूर्ण बना सकता है।
