Pakistan-Afghanistan Tensions: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हाल में बढ़े तनाव थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। तुर्की के इस्तांबुल में हुई बातचीत के बाद भी दोनों देशों के बीच कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका। अब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इस विवाद को लेकर बयान दिया है और इसमें भारत का नाम भी लिया है। (Pakistan-Afghanistan Tensions) मंगलवार को आसिफ ने कहा कि अफगानिस्तान के साथ समझौता लगभग तय हो गया था, लेकिन अफगान वार्ताकारों ने काबुल से बातचीत करने के बाद अचानक पीछे हट गए। उनके मुताबिक, ये सिलसिला चार से पाँच बार दोहराया गया।
Pakistan-Afghanistan Tensions: हठ के बावजूद बातचीत जारी…
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि तालिबान के कड़े रुख के बावजूद, दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। (Pakistan-Afghanistan Tensions) उन्होंने कहा कि अब भी यह कोशिश की जा रही है कि बातचीत और समझदारी से इस मसले को सुलझाया जा सके। बताया गया है कि वार्ता अपने आखिरी चरण में पहुंच रही है।
सूत्रों के मुताबिक, पहले से चल रही बंद कमरे की बैठकों में ज्यादातर मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बन चुकी है। ख्वाजा आसिफ ने अफगान वार्ताकारों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सहयोग किया और बातचीत में हिस्सा लिया, जो आसान नहीं था। (Pakistan-Afghanistan Tensions) लेकिन साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि काबुल में फैसले लेने वाले लोग दिल्ली के असर में हैं। आसिफ के मुताबिक, अफगान सरकार के पास असली अधिकार नहीं हैं, क्योंकि भारत ने वहां अपनी पकड़ बना ली है और उसी के इशारे पर काम हो रहा है।
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भारत काबुल के जरिये चला रहा है प्रॉक्सी वॉर
ख्वाजा आसिफ का कहना है कि भारत, अफगानिस्तान को इस्लामाबाद के खिलाफ असर दिखाने के लिए इस्तेमाल कर रहा है — एक तरह की अप्रत्यक्ष लड़ाई। (Pakistan-Afghanistan Tensions) उन्होंने कहा कि भारत पश्चिमी सीमा पर हुई नाकामी की भरपाई काबुल के जरिए कर रहा है। आसिफ ने यह भी कहा कि कुछ ऐसे लोग हैं जिन्होंने अफगानिया में भारत का दौरा किया है और वहां की जगहों पर गए हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अफगान पक्ष ने पाकिस्तान की तरफ कुछ भी धमकी भरा किया तो पाकिस्तान ज़बरदस्त और कड़ा जवाब देगा। उनका आरोप था कि काबुल, पाकिस्तान में आंदोलन करने वालों या आतंकियों के लिए जिम्मेदार है और दिल्ली इसे अपने मकसद के लिए इस्तेमाल कर रही है। आसिफ ने आगे कहा कि पिछले चार सालों से कुछ समूहों का इस्तेमाल किया जा रहा है और अगर वे पाकिस्तान पर हमला करने की कोशिश करेंगे तो बड़ा और कठोर कदम उठाया जाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि तालिबान के कड़े रुख के बावजूद, दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अब भी यह कोशिश की जा रही है कि बातचीत और समझदारी से इस मसले को सुलझाया जा सके। बताया गया है कि वार्ता अपने आखिरी चरण में पहुंच रही है। सूत्रों के मुताबिक, पहले से चल रही बंद कमरे की बैठकों में ज्यादातर मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बन चुकी है।
