Marco Rubio statement: दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देश वेनेजुएला में मचे घमासान के बीच वाशिंगटन से एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको हैरान कर दिया है। अभी शनिवार को ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीना ठोककर कहा था कि निकोलस मादुरो को हटाने के बाद अब अमेरिका खुद वेनेजुएला का शासन चलाएगा। ट्रंप के इस बयान ने दुनिया भर में हलचल मचा दी थी और कई लोग इसे दूसरे देश पर जबरन कब्जे के तौर पर देख रहे थे। (Marco Rubio statement) लेकिन रविवार होते-होते ट्रंप के सबसे खास सिपहसालार और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस पर एक बड़ा ‘यू-टर्न’ ले लिया है। रुबियो ने संकेतों ही संकेतों में यह साफ कर दिया है कि अमेरिका का मकसद वेनेजुएला की कुर्सी पर बैठना नहीं, बल्कि वहां के संसाधनों पर अपनी पकड़ मजबूत करना है।
Marco Rubio statement: राष्ट्रपति ट्रंप के ‘विशाल दावों’ पर रुबियो की सफाई
मार्को रुबियो का ताजा बयान राष्ट्रपति ट्रंप के उन दावों के बिल्कुल उलट है जिसमें उन्होंने कहा था कि वेनेजुएला का शासन अब वाशिंगटन से नियंत्रित होगा। (Marco Rubio statement) ट्रंप ने फ्लोरिडा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में छह से ज्यादा बार ‘शासन संभालने’ की बात दोहराई थी, जिससे अमेरिका के भीतर भी डेमोक्रेट्स और विपक्षी दल काफी चिंतित हो गए थे। लोगों को डर था कि कहीं अमेरिका एक बार फिर किसी दूसरे देश में ‘राष्ट्र निर्माण’ (Nation Building) की ऐसी असफल कोशिश न शुरू कर दे, जैसी उसने अफगानिस्तान या इराक में की थी। रुबियो ने अब इस डर को कम करने की कोशिश की है और एक अधिक संतुलित दृष्टिकोण पेश किया है।
Also Read –Jhansi News: पहली महिला टैक्सी चालक का स्टेशन रोड पर शव मिला, जेवर गायब, हत्या की आशंका
- Advertisement -
शासन नहीं, संसाधनों पर नियंत्रण का असली खेल
रुबियो ने एक टीवी कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट किया कि अमेरिका वेनेजुएला के रोजमर्रा के प्रशासन में कोई दखल नहीं देगा। उनका कहना है कि अमेरिका की मुख्य भूमिका केवल ‘तेल नाकेबंदी’ को कड़ाई से लागू करने तक सीमित रहेगी। (Marco Rubio statement) दरअसल, शनिवार सुबह मादुरो को सत्ता से बेदखल करने से पहले ही अमेरिका ने वेनेजुएला के तेल टैंकरों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे। रुबियो ने साफ किया कि जब ट्रंप ‘नियंत्रण’ की बात करते हैं, तो उनका इशारा इसी आर्थिक घेराबंदी की ओर होता है। अमेरिका इस नाकेबंदी को एक हथियार की तरह इस्तेमाल करना चाहता है ताकि वेनेजुएला में अपनी पसंद के बदलाव कराए जा सकें।
ड्रग तस्करी रोकना और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा
विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि अमेरिका का मकसद केवल तेल ही नहीं है। वे चाहते हैं कि वेनेजुएला का तेल उद्योग वहां के लोगों के भले के लिए चले और सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि वहां से होने वाली मादक पदार्थों (ड्रग्स) की तस्करी को पूरी तरह रोका जा सके। रुबियो के मुताबिक, जब तक वेनेजुएला में ऐसे बदलाव नहीं दिखते जो अमेरिका के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हों, तब तक यह नाकेबंदी और दबाव बना रहेगा। अमेरिका ने इस कार्रवाई के तहत पहले ही वेनेजुएला के कई तेल टैंकरों को समुद्र के बीच ही जब्त कर लिया है, जो उसकी सख्त मंशा को दर्शाता है।
विदेशी हस्तक्षेप की चिंता और वेनेजुएला का भविष्य
रुबियो के इस बयान को एक कूटनीतिक सुधार के तौर पर देखा जा रहा है। ट्रंप के ‘सीधे शासन’ वाले बयान से दुनिया भर में यह संदेश गया था कि अमेरिका एक साम्राज्यवादी ताकत की तरह व्यवहार कर रहा है। रुबियो ने अब यह जताने की कोशिश की है कि अमेरिका केवल एक ‘निगरानीकर्ता’ की भूमिका निभाएगा। हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि तेल टैंकरों को जब्त करना और आर्थिक नाकेबंदी जारी रखना भी एक तरह का परोक्ष शासन ही है। अब देखना यह होगा कि मादुरो के जाने के बाद वेनेजुएला के लोग इस अमेरिकी ‘दबाव वाली कूटनीति’ को स्वीकार करते हैं या वहां कोई नया आंतरिक विद्रोह जन्म लेता है।
