Israel on Khamenei killing: मिडिल ईस्ट में मचे कोहराम के बीच इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने एक ऐसा सनसनीखेज बयान दिया है जिसने पूरी दुनिया के होश उड़ा दिए हैं। ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के दो दिन बाद, इजरायल ने आखिरकार साफ कर दिया है कि आखिर क्यों उन्हें इतनी जल्दी खामेनेई को खत्म करना पड़ा। (Israel on Khamenei killing) गिदोन सार के मुताबिक, ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम और खतरनाक मिसाइलें न केवल इजरायल बल्कि पूरी दुनिया के वजूद के लिए ‘अस्तित्व का खतरा’ बन चुकी थीं। इजरायल का दावा है कि अगर वे अब कार्रवाई नहीं करते, तो बहुत देर हो जाती और ईरान एक ऐसा परमाणु राक्षस बन जाता जिसे रोकना नामुमकिन होता।
Israel on Khamenei killing: खामेनेई की वो ‘सीक्रेट’ चाल
इजरायली विदेश मंत्री ने एक बेहद डरावना खुलासा करते हुए बताया कि उन्हें खुफिया जानकारी मिली थी कि ईरान बहुत कम समय के भीतर अपना पूरा न्यूक्लियर प्रोग्राम एक बहुत गहरे अंडरग्राउंड (पातालनुमा) ठिकाने में शिफ्ट करने वाला था। यह ठिकाना इतना गहरा और मजबूत बनाया जा रहा था कि वहां अमेरिका और इजरायल की सबसे घातक मिसाइलें भी बेअसर साबित होतीं। ईरान बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की अपनी फैक्ट्रियों के साथ भी यही प्लान बना रहा था। (Israel on Khamenei killing) गिदोन सार ने कहा, “हमारे पास समय बहुत कम था। अगर वे एक बार पाताल में छिप जाते, तो हम हवा से हमला करके उन्हें कभी नहीं रोक पाते। इसलिए, हमने अपने अमेरिकी दोस्तों के साथ मिलकर तय किया कि अब हमला करना ही होगा।”
- Advertisement -
जब दुनिया यह सोच रही थी कि ईरान और अमेरिका के बीच पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है, तो हकीकत कुछ और ही थी। गिदोन सार ने बताया कि अमेरिका इस नतीजे पर पहुँच चुका था कि तेहरान सिर्फ समय बर्बाद कर रहा है और बातचीत का ढोंग रच रहा है। (Israel on Khamenei killing) ईरान लगातार अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों की रेंज बढ़ा रहा था और अमेरिकी ‘रेड लाइन’ को बार-बार पार कर रहा था। इजरायल के मुताबिक, इस खतरनाक स्थिति में कुछ न करना, कार्रवाई करने से कहीं ज्यादा खतरनाक साबित होता। खामेनेई की मौत ने भले ही ईरानी पावर स्ट्रक्चर में एक बड़ा खालीपन पैदा कर दिया हो, लेकिन इजरायल इसे अभी ‘पूर्ण जीत’ नहीं मान रहा है।
ईरानी जनता के लिए ‘आजादी’ का आखिरी मौका?
इजरायल ने अपनी कार्रवाई को ईरानी लोगों की आजादी से भी जोड़कर देखा है। गिदोन सार ने कहा कि ईरानी लोग बरसों से इस दमनकारी शासन से छुटकारा पाने के लिए बहादुरी से लड़ रहे हैं, लेकिन उन्हें बाहरी मदद की जरूरत थी। उन्होंने सुझाव दिया कि अब ईरानी लोगों को एक निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव प्रक्रिया के जरिए अपना अगला नेता चुनना चाहिए। (Israel on Khamenei killing) हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि जब तक मौजूदा सरकार के बचे-कुचे हिस्से ताकतवर हैं, तब तक ऐसा होना मुश्किल है। फिलहाल, ईरान की सड़कों पर सेना तैनात है ताकि किसी भी तरह के जन-विद्रोह को कुचला जा सके।
आसमान में टकराती मिसाइलें
शनिवार सुबह शुरू हुए ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ ने तेहरान के उस सुरक्षित कंपाउंड को राख कर दिया जहाँ खामेनेई मौजूद थे। इसके जवाब में ईरान ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी, जिसके कारण खाड़ी देशों के आसमान पर मिसाइलों का खौफनाक मुकाबला देखने को मिला। (Israel on Khamenei killing) दुबई, अबू धाबी, दोहा और मनामा जैसे चमकते शहरों की स्काईलाइन पर मिसाइलें एक-दूसरे से टकराती दिखीं और चारों तरफ धमाकों की आवाजें गूँज उठीं। यह मंजर इस बात का गवाह है कि दुनिया एक महायुद्ध की आग में झुलस रही है।
