Iran attack Kuwait Power Plant: मिडिल ईस्ट में जारी महायुद्ध की लपटें अब कुवैत के घरों तक पहुंच गई हैं। रविवार की सुबह ईरान की ओर से हुए भीषण ड्रोन हमलों ने कुवैत की लाइफलाइन को हिला कर रख दिया है। देश के दो सबसे बड़े बिजली उत्पादन और पानी के डीसैलिनेशन (नमक हटाने वाले) प्लांट्स को निशाना बनाया गया है। इस हमले के बाद कुवैत में पानी और बिजली का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कुवैत सरकार ने तत्काल प्रभाव से सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम) का निर्देश जारी कर दिया है।
Iran attack Kuwait Power Plant: पीने के पानी पर संकट: 90% सप्लाई ठप होने का डर
कुवैत के बिजली और जल मंत्रालय ने पुष्टि की है कि ड्रोन हमलों में दो प्रमुख इकाइयों को ‘महत्वपूर्ण भौतिक क्षति’ पहुंची है। कुवैत जैसे रेगिस्तानी देश के लिए यह हमला किसी आपदा से कम नहीं है, क्योंकि देश की लगभग 90% पीने के पानी की आपूर्ति इन्हीं डीसैलिनेशन प्लांट्स से होती है। (Iran attack Kuwait Power Plant) बिजली उत्पादन की कई इकाइयां बंद करनी पड़ी हैं, जिससे चिलचिलाती गर्मी के बीच देश के बड़े हिस्से में ब्लैकआउट का खतरा मंडरा रहा है। तकनीकी टीमें युद्धस्तर पर मरम्मत में जुटी हैं, लेकिन पानी का स्टॉक कम होने से जनता में घबराहट देखी जा रही है।
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पेट्रोलियम मुख्यालय और मंत्रालयों पर भी प्रहार
हमलों का सिलसिला सिर्फ पानी के प्लांट तक सीमित नहीं रहा। दक्षिण कुवैत के शुवाइख (Shuwaikh) इलाके में स्थित कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) के मुख्यालय और तेल मंत्रालय के परिसर को भी ड्रोन से निशाना बनाया गया। हमले के बाद इमारत में भीषण आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए दमकल की दर्जनों गाड़ियां तैनात करनी पड़ीं। (Iran attack Kuwait Power Plant) इसके अलावा वित्त मंत्रालय की इमारत और कई अन्य सरकारी दफ्तरों को भी नुकसान पहुंचा है। इन रणनीतिक ठिकानों पर हुए हमलों ने यह साफ कर दिया है कि दुश्मन कुवैत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ पर प्रहार करना चाहता है।
खाली कराए गए दफ्तर, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
धमाकों की गूंज और आसमान में उठते धुएं के बीच सरकार ने एहतियात के तौर पर मंत्रालयों के कॉम्प्लेक्स से सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। (Iran attack Kuwait Power Plant) सुरक्षा बलों ने प्रभावित इलाकों की घेराबंदी कर दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते, अधिकांश कर्मचारी घर से ही काम करेंगे ताकि किसी भी संभावित जानमाल के नुकसान को टाला जा सके।
मिडिल ईस्ट में 28 फरवरी से जारी इस जंग ने अब कुवैत जैसे तटस्थ दिखने वाले देशों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान की यह जवाबी कार्रवाई अब वैश्विक ऊर्जा और जल सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन गई है। फिलहाल, कुवैत की जनता राशन और पानी जमा करने में जुटी है, और आने वाले कुछ घंटे देश की स्थिरता के लिए बेहद निर्णायक माने जा रहे हैं।
