India UAE Relations: भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच हाल में हुए व्यापक समझौतों ने न सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई दी है, बल्कि दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व के बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों में भी हलचल पैदा कर दी है। इस सप्ताह यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भारत के दौरे पर आए, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी विस्तृत बातचीत हुई। इस दौरान दोनों देशों ने आर्थिक, ऊर्जा और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग को रणनीतिक स्तर तक ले जाने का स्पष्ट रोडमैप पेश किया।
दोनों नेताओं ने भारत–यूएई वार्षिक व्यापार को वर्ष 2032 तक 200 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया। यह लक्ष्य मौजूदा व्यापारिक स्तर से कहीं अधिक है और दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच गहराते भरोसे को दर्शाता है। India UAE Relations) लेकिन इस यात्रा का सबसे अहम पहलू रहा भारत और यूएई के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी की घोषणा, जिसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दोनों देशों के बीच कुल पांच अहम दस्तावेजों पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें सबसे प्रमुख रणनीतिक रक्षा साझेदारी स्थापित करने की प्रतिबद्धता रही। यह समझौता ऐसे समय में सामने आया है, जब कुछ महीने पहले ही पाकिस्तान और सऊदी अरब ने अपने रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया था। (India UAE Relations) उस समझौते में यह प्रावधान भी शामिल था कि एक देश पर हमला होने की स्थिति में दूसरे देश को भी उसे अपने खिलाफ हमला मानना होगा। ऐसे परिदृश्य में भारत और यूएई का यह नया रक्षा सहयोग पाकिस्तान के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।
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रक्षा साझेदारी के तहत भारत और यूएई रक्षा औद्योगिक सहयोग, उन्नत तकनीकों के साझा विकास, साइबरस्पेस प्रशिक्षण, विशेष सैन्य अभियानों, सेनाओं के संयुक्त संचालन और आतंकवाद-रोधी गतिविधियों में सहयोग बढ़ाएंगे। (India UAE Relations) इसके अलावा दोनों देशों ने उन्नत परमाणु तकनीकों में सहयोग की संभावनाओं पर भी सहमति जताई है। इसमें बड़े परमाणु रिएक्टरों के साथ-साथ छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों का विकास, परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का संचालन और रखरखाव तथा परमाणु सुरक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
ऊर्जा क्षेत्र में भी एक अहम समझौता हुआ, जिसके तहत हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) वर्ष 2028 से शुरू होकर अगले 10 वर्षों तक अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) से हर साल 0.5 मिलियन मीट्रिक टन तरल प्राकृतिक गैस (LNG) खरीदेगी। इस करार के बाद भारत, अबू धाबी का सबसे बड़ा एलएनजी ग्राहक बन गया है। (India UAE Relations) प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति नाहयान की बातचीत में यमन, गाजा और ईरान की स्थिति पर भी चर्चा हुई। यमन वही मुद्दा है, जिस पर हाल के वर्षों में सऊदी अरब और यूएई के रिश्तों में मतभेद उभरे हैं। India UAE Relations) (बदलते क्षेत्रीय परिदृश्य में तुर्की की सऊदी अरब और पाकिस्तान के साथ रक्षा सहयोग में शामिल होने की कोशिशें भी चर्चा में हैं, जिससे मध्य पूर्व में नए सैन्य गुट के उभरने की आशंका जताई जा रही है।
