Elon Musk: दुनिया के सबसे चर्चित उद्योगपतियों में शामिल एलन मस्क एक बार फिर गंभीर विवादों के केंद्र में आ गए हैं। टेस्ला, स्पेसएक्स और माइक्रोब्लॉगिंग साइट X (पूर्व में ट्विटर) के CEO मस्क ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया के एक पोस्ट में ऐसा बयान दिया, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया। मस्क की इस पोस्ट में उन्होंने दुनिया में गोरे लोगों की कम होती आबादी पर चिंता व्यक्त की और इसे लेकर विवादित सांकेतिक टिप्पणी की।
Elon Musk: पोस्ट में क्या कहा मस्क ने ?
मस्क के पोस्ट में दावा किया गया कि 1900 में वैश्विक आबादी में गोरे लोगों की हिस्सेदारी 36 % थी, जो अब कम होकर सिर्फ 8 % तक ही रह गई है। (Elon Musk) इस पोस्ट के साथ उन्होंने ऐसा माहौल बनाने का प्रयास किया, जिसे कई लोग ‘व्हाइट सुपरमेसी’ यानी श्वेत जातिवाद के समर्थन के रूप में देख रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसे लेकर भारी विरोध और आलोचना देखने को मिली।
सोशल मीडिया में भड़क उठा विवाद
मस्क के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर गहमागहमी का माहौल बन गया। भारतीय अमेरिकी अरबपति विनोद खोसला ने भी मस्क के बयान पर प्रतिक्रिया दी और लिखा, “एलन मस्क का एजेंडा अमेरिका को केवल श्वेत लोगों के लिए महान बनाने की मानसिकता से जुड़ा हुआ है। वह नस्लवाद को एक स्वीकार्य विचारधारा के रूप में पेश कर रहे हैं।”
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खोसला ने यह भी कहा कि मस्क के नेतृत्व वाली कंपनियों में काम करने वाले गैर-श्वेत कर्मचारी और नस्लवाद का विरोध करने वाले श्वेत कर्मचारी अपने पदों को छोड़ दें। उन्होंने इस संदर्भ में कर्मचारियों से अपनी प्रोफाइल लिंक्डइन के माध्यम से भेजने की अपील भी की, ताकि वे उनकी पोर्टफोलियो कंपनियों में शामिल हो सकें।
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एलन मस्क का पिछला रिकॉर्ड
एलन मस्क पहले भी अप्रवासी नीतियों और दक्षिणपंथी विचारधारा से जुड़े बयानों के लिए आलोचनाओं का सामना कर चुके हैं। उनके नेतृत्व में X पर कई ऐसे अकाउंट और विचार सामने आए हैं, जो व्हाइट सुपरमेसी से जुड़े रहे हैं। (Elon Musk) हालांकि, मस्क या उनकी कंपनियों की तरफ से अभी तक इस विवादित बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
भारतीयों की मौजूदगी भी महत्वपूर्ण
मस्क की कंपनियों में भारतीय इंजीनियर और प्रबंधन पेशेवरों की मौजूदगी भी बेहद महत्वपूर्ण है। टेस्ला की सेल्फ-ड्राइविंग टेक्नोलॉजी का जनक माना जाने वाला अशोक एल्लुस्वामी, तमिलनाडु के चेन्नई के निवासी हैं। (Elon Musk) उन्होंने अमेरिका से रोबोटिक्स सिस्टम में मास्टर्स किया और टेस्ला में अपनी विशेषज्ञता के दम पर कंपनी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। इसके अलावा, भारकीय मूल के वैभव तनेजा टेस्ला में 2023 से CFO हैं।
विश्लेषक क्या कहते हैं?
विश्लेषकों का मानना है कि मस्क के इस तरह के विवादित बयानों से टेस्ला और स्पेसएक्स की वैश्विक छवि प्रभावित हो सकती है। खासकर, भारतीय और अन्य गैर-श्वेत कर्मचारियों के लिए यह चिंता का विषय बन सकता है। (Elon Musk) वहीं, सोशल मीडिया पर यह मुद्दा ट्रेंड में है और मस्क की लोकप्रियता पर भी इसका प्रभाव देखा जा रहा है।
बता दे, एलन मस्क का यह बयान न सिर्फ नस्लीय विवादों को हवा दे रहा है, बल्कि उनके नेतृत्व वाली कंपनियों में काम करने वाले विभिन्न समुदायों के कर्मचारियों के मनोबल पर भी प्रभाव डाल सकता है। (Elon Musk) ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि क्या मस्क और उनकी कंपनियां इस विवाद से उबर पाएंगी, या यह उनके ब्रांड और कार्य संस्कृति के लिए लंबी अवधि में चुनौती बन जाएगा।
