Donald Trump on Iran: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से अटके परमाणु समझौते को लेकर हुई पहले दौर की बातचीत फिलहाल किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। यह अहम बैठक ओमान की राजधानी मस्कत में आयोजित की गई, जहां दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने कई पहलुओं पर चर्चा की, हालांकि बातचीत का केंद्र बिंदु परमाणु समझौता ही रहा। (Donald Trump on Iran) बैठक के बेनतीजा रहने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि उनकी टीम अगले हफ्ते फिर से ईरानी नेताओं के साथ बातचीत करेगी।
डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत के बाद कहा कि ईरान किसी समझौते तक पहुंचना चाहता है और अमेरिका उसे इसके लिए कुछ समय दे रहा है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अमेरिका किसी भी हाल में ईरान को परमाणु हथियार बनाने की इजाजत नहीं देगा। (Donald Trump on Iran) इससे पहले ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उन देशों पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जो ईरान से किसी भी तरह का सामान या सेवाएं आयात कर रहे हैं। इस फैसले को लागू करने के लिए उन्होंने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर भी हस्ताक्षर किए। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कदम अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए जरूरी है।
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वहीं, ओमान में हुई इस बैठक को लेकर ईरान की ओर से बयान अपेक्षाकृत सकारात्मक रहा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि परमाणु समझौते पर बातचीत एक अच्छी शुरुआत है और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। (Donald Trump on Iran) उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बैठक में केवल परमाणु मुद्दे पर ही चर्चा हुई और अमेरिका के साथ किसी अन्य विषय को शामिल नहीं किया गया। दरअसल, अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर यह दबाव रहा है कि वह अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर रोक लगाए और क्षेत्रीय सहयोगियों को समर्थन देना बंद करे।
हालांकि, ईरान लगातार यह दोहराता रहा है कि वह सिर्फ परमाणु मुद्दे पर ही बातचीत करेगा और अन्य मामलों पर किसी तरह का समझौता नहीं करेगा। (Donald Trump on Iran) रिपोर्ट के मुताबिक, बातचीत के दौरान ईरान ने अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम का बचाव किया और इसे नागरिक उद्देश्यों के लिए जरूरी बताया। इस बीच, खाड़ी देशों ने ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की इस पहल का स्वागत किया है। (Donald Trump on Iran) कतर समेत कई देशों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि यह संवाद आगे चलकर एक व्यापक समझौते का रास्ता खोलेगा, जिससे दोनों पक्षों को लाभ होगा और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व स्थिरता को मजबूती मिलेगी।
