Bangladesh violence against Hindus: बांग्लादेश में हाल के दिनों में हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। एक के बाद एक घटनाएं डर और असुरक्षा की तस्वीर सामने रख रही हैं। जहां लोग रोज़ी-रोटी की तलाश में घर से निकलते हैं, वहीं अब पहचान ही खतरा बनती जा रही है। ताजा मामला खुलना डिवीजन से सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
Bangladesh violence against Hindus: लाल धागा बना हमले की वजह
खुलना डिवीजन में एक हिंदू रिक्शा चालक गोबिंद बिस्वास पर भीड़ ने हमला कर दिया। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना शुक्रवार की है। (Bangladesh violence against Hindus) बताया गया कि गोबिंद के हाथ में लाल धागा बंधा हुआ था, जिसे आमतौर पर हिंदू पहनते हैं। बस इसी बात को लेकर भीड़ भड़क गई और उस पर हमला बोल दिया गया। हमले में गोबिंद के सीने और गले में गंभीर चोटें आईं।
भीड़ के सामने करता रहा फरियाद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके पर अफवाह फैलाई गई कि गोबिंद बिस्वास भारत के लिए जासूसी करता है और उसका संबंध भारतीय खुफिया एजेंसी RAW से है। इन बातों ने आग में घी का काम किया और देखते ही देखते बड़ी भीड़ जमा हो गई। (Bangladesh violence against Hindus) गोबिंद लगातार हाथ जोड़कर कहता रहा कि वह सिर्फ एक रिक्शा चालक है, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। झेनैदाह जिला नगर पालिका के गेट के पास उसे बेरहमी से पीटा गया और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया गया।
- Advertisement -
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मी गोबिंद को अपने साथ ले जाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में गोबिंद पुलिस से रिहा करने की गुहार लगाता नजर आता है और बार-बार कहता है कि वह एक साधारण रिक्शा चालक है। इसके बाद उसे झेनैदाह सदर पुलिस स्टेशन में हिरासत में ले लिया गया।
Also Read –Sonbhadra: गांधी मैदान रेणुकूट में गूंजी राम कथा, बाल लीला से ताड़का वध तक भावविभोर श्रोता
भारत से संपर्क के आरोप
पुलिस स्टेशन के अंदर का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि गोबिंद के मोबाइल फोन में रिजर्व ऑफ इंडिया से जुड़े कुछ ट्रांजैक्शन दिखे हैं और भारत से एक कॉल आई थी। हालांकि गोबिंद का कहना है कि फोन करने वाला व्यक्ति उसे व्यक्तिगत रूप से जानता है। (Bangladesh violence against Hindus) पुलिस ने बताया कि जांच में सामने आया है कि गोबिंद कई साल भारत में रह चुका है और इसी आधार पर आरोपों की जांच की जा रही है।
दीपू की मौत के बाद बढ़ी चिंता
यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब एक दिन पहले ही मैमनसिंह के भालुका इलाके में हिंदू फैक्ट्री मजदूर दीपू चंद्र दास की कथित ईशनिंदा के आरोप में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। (Bangladesh violence against Hindus) बाद में अधिकारियों ने साफ किया कि दीपू द्वारा किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी का कोई सबूत नहीं मिला। इन घटनाओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
