Assam assembly elections 2026: पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार यानी असम में इस वक्त राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर है। गलियों से लेकर गुवाहाटी के सचिवालय तक बस एक ही चर्चा है, ‘चुनाव कब होंगे?’ अगर आप भी इसी सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं, तो तैयार हो जाइए, क्योंकि चुनाव आयोग ने अपनी गोटियां बिछा दी हैं। (Assam assembly elections 2026) सूत्रों की मानें तो असम विधानसभा चुनाव की तारीखों का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और इस बार का चुनाव पिछली बार से कहीं ज्यादा आक्रामक और दिलचस्प होने वाला है। (Assam assembly elections 2026) बीजेपी जहां तीसरी बार सत्ता की हैट्रिक लगाने के लिए अपना पूरा जोर लगा रही है, वहीं विपक्ष भी घेराबंदी में जुटा है। लेकिन असली खबर तो बीजेपी की उस ‘सीक्रेट लिस्ट’ को लेकर है, जिसने कई मौजूदा विधायकों की नींद उड़ा दी है।
Assam assembly elections 2026: मार्च में एलान और अप्रैल में महासंग्राम
असम में चुनाव आयोग की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में हैं। ताज़ा जानकारी के मुताबिक, इस बार असम विधानसभा के चुनाव केवल एक ही चरण में कराए जा सकते हैं। मार्च के पहले हफ्ते, यानी 4 मार्च से 8 मार्च के बीच चुनाव आयोग तारीखों का औपचारिक एलान कर सकता है। जैसे ही एलान होगा, राज्य में आदर्श चुनाव संहिता लागू हो जाएगी। (Assam assembly elections 2026) नियमों के मुताबिक, एलान और वोटिंग के बीच कम से कम 25 दिनों का समय दिया जाता है। इस हिसाब से देखें तो अप्रैल के पहले हफ्ते, यानी 3 से 7 अप्रैल के बीच असम की जनता अपने नए मुख्यमंत्री के लिए वोट डालेगी।
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बीजेपी का ‘टिकट काटो’ अभियान
असम में सत्ता बरकरार रखने के लिए बीजेपी ने इस बार ‘नो रिस्क’ पॉलिसी अपनाई है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में लड़े जाने वाले इस चुनाव में पार्टी ने सबसे बड़ा दांव ‘एंटी-इनकंबेंसी’ यानी सत्ता विरोधी लहर को खत्म करने पर खेला है। (Assam assembly elections 2026) पार्टी ने आंतरिक सर्वे के आधार पर उन 25 से 30 विधायकों को चिन्हित कर लिया है जिनके खिलाफ जनता में नाराजगी है या जिनकी रिपोर्ट खराब आई है। साफ संदेश है—अगर काम नहीं किया, तो टिकट नहीं मिलेगा। इनकी जगह पार्टी 30 नए और ऊर्जावान चेहरों को मैदान में उतारने वाली है, ताकि जनता के बीच एक नई और सकारात्मक छवि पेश की जा सके।
ये होंगे सबसे बड़े मुद्दे
चुनाव जीतने के लिए असम बीजेपी ने दो स्तर की रणनीति तैयार की है। ‘मैक्रो’ मुद्दों में पार्टी अवैध घुसपैठ, मोदी सरकार की विकास योजनाओं और हिंदुत्व को सबसे आगे रखेगी। लेकिन इस बार का सबसे बड़ा हमला कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर होने वाला है, जिन पर बीजेपी ‘पाकिस्तान लिंक’ के गंभीर आरोप लगाकर घेरने की तैयारी में है। (Assam assembly elections 2026) वहीं ‘माइक्रो’ स्तर पर हिमंता सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, चाय बागान मजदूरों और सरकारी कर्मचारियों की 100 छोटी-बड़ी समस्याओं को हल कर सीधे जमीन से जुड़े वोटरों को साधने का प्लान बनाया है।
पीएम मोदी का मेगा शो
असम फतह के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कमान संभालने वाले हैं। चुनाव तारीखों के एलान के बाद पीएम मोदी की 8 से 10 बड़ी रैलियों का खाका तैयार किया गया है। (Assam assembly elections 2026) बीजेपी आलाकमान को पूरा भरोसा है कि मोदी लहर और हिमंता बिस्वा सरमा की जमीनी पकड़ के दम पर एनडीए इस बार 90 से 100 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत के साथ वापसी करेगी। अब देखना यह है कि क्या कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल बीजेपी के इस चक्रव्यूह को भेद पाएंगे या असम में फिर से भगवा लहराएगा।
