INDIA Alliance Rally 2026: दिल्ली के रामलीला मैदान में आज यानी 1 नवंबर को विपक्षी INDIA गठबंधन की बड़ी महारैली होने जा रही है। चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए विपक्षी दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता दिल्ली पहुंच चुके हैं। अलग-अलग राज्यों से पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का राजधानी पहुंचना भी शुरू हो गया है।
इस महारैली को विपक्ष ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत आयोजित किया है। इसमें 21 विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत विपक्ष के बड़े चेहरे एक मंच पर नजर आएंगे।
INDIA Alliance Rally 2026: अखिलेश यादव दिल्ली पहुंचे, राहुल गांधी भी करेंगे मार्च
महारैली में शामिल होने के लिए समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की दिल्ली पहुंचने की सूचना है। अखिलेश पहले ही 1 नवंबर की रैली में शामिल होने की पुष्टि कर चुके थे। उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिहाज से भी यह कार्यक्रम अहम माना जा रहा है, क्योंकि सपा और कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी एकजुटता का संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं।
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वहीं, राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया के जरिए लोगों से दिल्ली पहुंचने और मार्च में शामिल होने की अपील की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास से विपक्षी नेताओं के खुले बसों में रवाना होने का कार्यक्रम है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी संविधान, लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए लोगों से इस मार्च में शामिल होने की अपील की है।
कांग्रेस के युवा संगठन की ओर से भी बड़े पैमाने पर भागीदारी की तैयारी है। इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब और राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा ने कार्यकर्ताओं से दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया है। जम्मू-कश्मीर से भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जत्था राजधानी के लिए रवाना हुआ है। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंदर शर्मा के मुताबिक, केंद्र शासित प्रदेश से हजारों कार्यकर्ता रैली में हिस्सा लेंगे।
21 विपक्षी दलों की भागीदारी: इस मार्च में INDIA गठबंधन के 21 दलों के नेताओं के शामिल होने की बात कही गई है। हालांकि, सभी नेताओं के दिल्ली पहुंचने की अलग-अलग पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है। इसलिए गठबंधन के प्रमुख नेताओं के शामिल होने और उनके दिल्ली पहुंचने की स्थिति को अलग-अलग समझना जरूरी है।
दोपहर 12 बजे निकलेगा ‘चलो दिल्ली’ मार्च
रविवार को कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 12 बजे मिंटो रोड-Connaught Place जंक्शन से प्रस्तावित ‘चलो दिल्ली’ मार्च के साथ होगी। यहां से विपक्षी नेता अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान पहुंचेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के आवास से नेता खुले बसों में मार्च के शुरुआती स्थल तक जाने वाले हैं।
रामलीला मैदान में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक महारैली का कार्यक्रम रखा गया है। विपक्ष ने इसे ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ नाम दिया है। इस आयोजन में राजनीतिक दलों के अलावा छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं और मजदूर संगठनों को भी शामिल होने का न्योता दिया गया है।
हालांकि, मार्च को लेकर प्रशासनिक पेच भी बना हुआ है। दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान में रैली की अनुमति दी है, लेकिन मिंटो रोड से कनॉट प्लेस होते हुए रामलीला मैदान तक प्रस्तावित जुलूस के लिए अनुमति का आवेदन मिलने से इनकार किया है। पुलिस ने कहा है कि मार्च के दौरान भीड़ और यातायात को देखते हुए व्यवस्था संभाली जाएगी।
10 लाख लोगों के जुटने का दावा, पुलिस का अनुमान 50 हजार
INDIA गठबंधन के नेताओं को उम्मीद है कि इस महारैली में 10 लाख तक लोग पहुंच सकते हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस का अनुमान करीब 50 हजार लोगों के जुटने का है। रामलीला मैदान की खाली स्थिति में क्षमता 45 से 50 हजार लोगों की बताई गई है, लेकिन मंच, कुर्सियों, बैरिकेडिंग और अलग-अलग प्रवेश व्यवस्था के बाद यहां 30 से 40 हजार लोगों के समायोजन की संभावना है।
मैदान में मुख्य मंच के ऊपर विशाल तिरंगे रंग का पंडाल तैयार किया गया है। वरिष्ठ विपक्षी नेताओं के लिए मुख्य मंच और राज्यों के प्रतिनिधियों के लिए अलग मंच बनाया गया है। सफेद टेंट, बैरिकेडिंग, अस्थायी प्लेटफॉर्म और अलग-अलग प्रवेश द्वार तैयार किए गए हैं। भीड़ को संभालने के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती, पेयजल और महिलाओं के लिए अलग शौचालयों की व्यवस्था भी की गई है। मैदान में रातभर रुकने की अनुमति नहीं है।
दिल्ली में ट्रैफिक डायवर्जन, इन रास्तों पर जाने से बचें
महारैली के कारण दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेंगे। ITO, दिल्ली गेट, राजघाट, अजमेरी गेट और तुर्कमान गेट समेत प्रमुख चौराहों पर विशेष व्यवस्था की गई है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बहादुर शाह जफर मार्ग, जवाहरलाल नेहरू मार्ग, मिंटो रोड और देशबंधु गुप्ता रोड के आसपास अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। हालांकि, LNJP और GB Pant अस्पतालों तक एंबुलेंस और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को भी अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है।
एक दिन पहले खरगे के आवास पर CEC का प्रतीकात्मक महाभियोग
इस महारैली से ठीक एक दिन पहले शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ आयोजित किया गया। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने इसकी अध्यक्षता की। इसमें राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित तौर पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए गए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने में विफल रहा है।
खरगे ने इस प्रतीकात्मक प्रक्रिया में प्रस्ताव रखा, जबकि राहुल गांधी ने समापन भाषण दिया। हालांकि, यह वास्तविक संवैधानिक महाभियोग की प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि विपक्ष की ओर से राजनीतिक विरोध दर्ज कराने का एक प्रतीकात्मक आयोजन था।
