lawrence bishnoi gang: अमेरिकी जांच एजेंसी ‘फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन’ (FBI) ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ पर अब 10 लाख डॉलर (करीब 9.60 करोड़ रुपये) का इनाम रख दिया है. पहले 50 हजार डॉलर (लगभग 48 लाख रुपये) का इनाम था. FBI ने गोल्डी बराड़ को अपनी ‘सबसे ज्यादा वांछित 10 भगोड़ों’ (10 Most Wanted Fugitives) की लिस्ट में भी डाल दिया है. यानी अब वो अमेरिका के उन भगोड़ों में शामिल है, जिन्हें पकड़ने पर FBI का खास फोकस है.
गोल्डी बराड़ का असली नाम सतिंदरजीत सिंह है. FBI के मुताबिक, उस पर हत्या, रंगदारी और ड्रग्स की सप्लाई जैसे मामलों में शामिल होने के आरोप हैं. उस पर कनाडा में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की 2023 में हुई हत्या में भूमिका का भी आरोप है.
lawrence bishnoi gang: गोल्डी बराड़ पर FBI ने क्या बताया?
रिपोर्ट के मुताबिक, FBI ने 28 सितंबर को उसे अपनी 10 Most Wanted Fugitives की लिस्ट में शामिल किया. इसके साथ ही गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी को लेकर जानकारी देने वाले को मिलने वाला इनाम भी 50 हजार डॉलर से बढ़ाकर 10 लाख डॉलर कर दिया है. भारतीय रुपये में ये रकम करीब 9.60 करोड़ रुपये बैठती है.
FBI के लॉस एंजिल्स फील्ड ऑफिस के असिस्टेंट डायरेक्टर इन चार्ज पैट्रिक ग्रैंडी ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सतिंदरजीत सिंह, जिसे गोल्डी बराड़ और दूसरे नामों से भी जाना जाता है, अब FBI की इस खास लिस्ट में शामिल है.
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लेकिन गोल्डी बराड़ को लेकर अमेरिका की जांच सिर्फ हरदीप सिंह निज्जर की हत्या तक सीमित नहीं है.
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से लिंक?
FBI के मुताबिक गोल्डी बराड़, लॉरेंस बिश्नोई ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप (लॉरेंस बिश्नोई गैंग) से जुड़ा हुआ है. जांच एजेंसी का आरोप है कि ये ग्रुप अमेरिका और कनाडा में कई तरह की हिंसक घटनाओं में शामिल रहा है.
FBI के मुताबिक गोल्डी अमेरिका में है और उत्तरी अमेरिका में इस ग्रुप का कथित लीडर है. वो पहले से FBI की Most Wanted लिस्ट में था. अब उसे FBI की सबसे चर्चित 10 Most Wanted Fugitives वाली लिस्ट में शामिल किया गया है.
इस मामले को बेहतर तरीके से समझने के लिए थोड़ा पीछे चलते हैं.
2023 में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में हरदीप सिंह निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इसके बाद कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा था कि इस हत्या और भारतीय सरकारी एजेंट्स के बीच एक संभावित लिंक हो सकता है. इस बयान के बाद भारत और कनाडा के रिश्ते बेहद खराब हो गए.
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बाद में कनाडाई पुलिस ने कहा कि हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत सरकार की किसी आधिकारिक भूमिका का कोई सबूत नहीं मिला है.
इसके बाद जुलाई 2026 में अमेरिका ने लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर निज्जर की हत्या कराने का आरोप लगाया. इसी दौरान अमेरिका ने भारत से जुड़े तीन क्रिमिनल ग्रुप्स के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चलाया. इन ग्रुप्स पर अलग-अलग देशों में अपराध करने के आरोप हैं. इस ऑपरेशन का नाम ‘ऑपरेशन हार्डबॉल’ था.
7 जुलाई 2026 को अमेरिकी अटॉर्नी ऑफिस ने ‘ऑपरेशन हार्डबॉल’ के रिजल्ट्स सामने रखे. साथ ही, तीन चार्जशीट सार्वजनिक की गईं, जिनमें भारत से जुड़े तीन संगठित क्रिमिनल ग्रुप से जुड़े 37 लोगों पर आरोप लगाए गए थे.
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अब आते हैं गोल्डी बराड़ पर
कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस यानी RCMP भी निज्जर मर्डर केस की जांच कर रही है. RCMP की फेडरल पुलिसिंग की डिप्टी कमिश्नर लिसा मोरलैंड ने गोल्डी बराड़ और उसके नेटवर्क पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि बराड़ के नेटवर्क ने हत्या, गोलीबारी, धमकी, रंगदारी, आगजनी और ड्रग्स की तस्करी जैसी घटनाओं के जरिए बड़ी संख्या में लोगों की जिंदगी को नुकसान पहुंचाया है.
वहीं, लॉरेंस बिश्नोई इस पूरे नेटवर्क का एक बड़ा नाम है. जांच करने वालों के मुताबिक लॉरेंस बिश्नोई पंजाब का रहने वाला है और उसकी उम्र 33 साल है. अपराध की दुनिया में आने से पहले वो खुद को यूनिवर्सिटी का छात्र नेता बताता था. फिलहाल लॉरेंस गुजरात के अहमदाबाद की साबरमती सेंट्रल जेल में बंद है. कनाडा सरकार ने सितंबर 2025 में बिश्नोई ग्रुप को आतंकवादी संगठन घोषित किया था.
तो बात ये है कि गोल्डी बराड़ पर भारत, अमेरिका और कनाडा से जुड़े कई गंभीर अपराधों के आरोप हैं. अब अमेरिका ने उसे अपनी 10 Most Wanted Fugitives की लिस्ट में डालकर उस पर रखे इनाम को भी करीब 9.60 करोड़ रुपये तक बढ़ा दिया है.
