Shabnam Begum Oman Case: खाड़ी देश ओमान (Oman) में काम करने गई हैदराबाद की एक भारतीय महिला (Indian Woman) का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला भारत सरकार से उसे वापस भारत बुलाने की गुहार लगाती नजर आ रही है। समयऔर कैलेंडर
महिला का आरोप है कि उसे हैदराबाद से हाउस हेल्प (House Help) की नौकरी दिलाने के नाम पर मार्च में ओमान बुलाया गया था। उसे भरोसा दिलाया गया था कि वहां उसे करीब 50 हजार रुपये महीने की सैलरी और रहने की अच्छी सुविधा मिलेगी। लेकिन ओमान पहुंचने के बाद उसकी मुश्किलें बढ़ती चली गईं।
महिला का कहना है कि उससे लगातार 15 से 16 घंटे काम कराया जा रहा है। पिछले तीन महीने से उसे कोई सैलरी नहीं दी गई है और उसे ठीक से खाना भी नहीं मिलता। आरोप है कि उसका पासपोर्ट (Passport) और ट्रैवल डॉक्यूमेंट (Travel Documents) भी अपने पास रख लिए गए हैं, जिसकी वजह से वह भारत वापस नहीं लौट पा रही है।
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Shabnam Begum Oman Case: वीडियो में सुनाई पूरी आपबीती
पीड़ित महिला की पहचान तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद की रहने वाली 26 वर्षीय शबनम बेगम के रूप में हुई है। शबनम ने एक स्थानीय नेता को भेजे गए वीडियो में अपनी पूरी आपबीती सुनाई है।
शबनम ने बताया कि मस्कट (Muscat) में उससे रोजाना करीब 15 से 16 घंटे काम करवाया जाता है। उसने कहा कि पिछले तीन महीने से उसे कोई सैलरी नहीं दी गई है। उसका आरोप है कि करीब डेढ़ महीने से उसे मोबाइल फोन तक इस्तेमाल नहीं करने दिया गया।
शबनम ने यह भी बताया कि उसका पासपोर्ट और ट्रैवल डॉक्यूमेंट भी छीन लिया गया है। ऐसे में वह चाहकर भी भारत वापस नहीं लौट पा रही है।
50 हजार की नौकरी का दिया था भरोसा
हैदराबाद की स्थानीय नेता अमदद उल्लाह खान ने शबनम का वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा किया है। उन्होंने दावा किया कि 26 वर्षीय शबनम के साथ मस्कट में बेहद बुरा व्यवहार किया जा रहा है।
अमदद उल्लाह खान के मुताबिक, शबनम के साथ कथित तौर पर अत्याचार किया गया और उसे पीटा भी गया। लगातार टॉर्चर (Torture) से परेशान होकर वह किसी तरह भारतीय दूतावास (Indian Embassy) तक पहुंचने में कामयाब हुई है।
लेकिन अब सबसे बड़ी परेशानी यह है कि ट्रैवल एजेंटों (Travel Agents) ने उसका पासपोर्ट अपने पास रखा हुआ है। पासपोर्ट नहीं होने की वजह से उसके लिए भारत लौटना मुश्किल हो गया है।
12 से 15 घंटे काम कराने का आरोप
अमदद उल्लाह खान ने बताया कि ट्रैवल एजेंटों ने शबनम से वादा किया था कि मस्कट पहुंचने के बाद उसे हर महीने करीब 200 ओमानी रियाल यानी लगभग 50 हजार रुपये मिलेंगे।
इसी भरोसे पर शबनम ओमान पहुंची थी। लेकिन वहां जाने के बाद उसे अलग-अलग घरों में 12 से 15 घंटे तक काम करवाया गया। आरोप है कि उसे रहने की उचित सुविधा भी नहीं दी गई।
अमदद उल्लाह खान के मुताबिक, शबनम को पिछले तीन से चार महीने से कोई वेतन नहीं दिया गया है। इस पूरे मामले के बाद शबनम और उसके परिवार ने भारत सरकार और विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) से मदद की अपील की है।
भारतीय दूतावास ने लिया मामले का संज्ञान
अमदद उल्लाह खान के सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए ओमान स्थित भारतीय दूतावास (Indian Embassy in Oman) ने कहा है कि मामले का संज्ञान ले लिया गया है।
दूतावास ने बताया कि इस मामले पर कार्रवाई की जा रही है। अब शबनम और उनके परिवार को उम्मीद है कि भारत सरकार और भारतीय दूतावास की मदद से उन्हें जल्द से जल्द ओमान से वापस भारत लाया जाएगा।
