Pahalgam Attack Anniversary: पहलगाम आतंकी हमले की बरसी पर बुधवार को पाकिस्तान ने एक बार फिर कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उछालने की कोशिश की। पाकिस्तान ने दावा किया कि कश्मीर एक अंतरराष्ट्रीय विवाद है, जबकि भारत इसे अपना आंतरिक मामला बताता रहा है। इसके साथ ही पाकिस्तान की ओर से भारत को लेकर तीखी बयानबाजी भी सामने आई, जिसमें किसी भी ‘दुस्साहस’ का जवाब देने की चेतावनी दी गई।
पाकिस्तान के अखबार के मुताबिक, वहां के संचार मंत्री अताउल्लाह तरार ने आरोप लगाया कि भारत अपने आंतरिक मामलों को बाहरी और बाहरी मामलों को आंतरिक बताने की कोशिश करता है। (Pahalgam Attack Anniversary) उन्होंने कहा कि आतंकवाद भारत का आंतरिक मुद्दा है, लेकिन उसे बाहरी समस्या की तरह पेश किया जाता है। इसके उलट, कश्मीर को उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बताया, जिसे भारत घरेलू मामला कहता है।
तरार ने अपने बयान में कुलभूषण जाधव का जिक्र करते हुए भारत पर आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप लगाए। उन्होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान के पास जाफर ट्रेन हमले और खुजदार हमले में भारत की संलिप्तता के सबूत हैं। (Pahalgam Attack Anniversary) हालांकि, इन दावों के समर्थन में अब तक कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं किए गए हैं। इसके बावजूद पाकिस्तान ने यह कहा कि वह अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा और किसी भी कार्रवाई का “तुरंत, प्रभावी और निर्णायक” जवाब देगा।
- Advertisement -
उधर, भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए आतंकवाद के खिलाफ अपनी सख्त नीति दोहराई है। पहलगाम हमले की बरसी पर भारतीय सेना ने स्पष्ट किया कि देश के खिलाफ किसी भी प्रकार की आतंकी या शत्रुतापूर्ण कार्रवाई का जवाब निश्चित रूप से दिया जाएगा। (Pahalgam Attack Anniversary) सेना ने अपने संदेश में कहा कि “न्याय जरूर किया जाएगा” और राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है। भारतीय सेना ने यह भी याद दिलाया कि जब मानवता की सीमाएं पार होती हैं, तो जवाब निर्णायक होता है।
पिछले एक साल में कई सैन्य अधिकारियों ने यह दोहराया है कि आतंकवाद के खिलाफ चलाया गया अभियान लगातार जारी है और देश की सुरक्षा तैयारियां उच्च स्तर पर बनी हुई हैं। (Pahalgam Attack Anniversary) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस मौके पर कहा कि भारत पहलगाम हमले के पीड़ितों को कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि दशकों से सीमा पार प्रायोजित आतंकवाद का सामना कर रहे भारत ने अब कड़ा और निर्णायक रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि देश की एकता और नागरिकों की सुरक्षा के खिलाफ किसी भी प्रयास का जवाब पूरी ताकत और स्पष्टता के साथ दिया जाएगा।
