US Iran Tensions: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है, और इसी बीच अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य उपस्थिति को और मजबूत करने का फैसला किया है। हाल ही में रॉयटर्स को जानकारी मिली कि अमेरिका अपना सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर USS जेराल्ड आर. फोर्ड मिडिल ईस्ट भेज रहा है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह कैरियर मिडिल ईस्ट पहुंचने में लगभग एक हफ्ता लगेगा। (US Iran Tensions) इस क्षेत्र में पहले से ही USS अब्राहम लिंकन और अन्य युद्धपोत तैनात हैं। इस कदम से ईरान पर समुद्र और आसमान दोनों से सैन्य दबाव बढ़ने की संभावना है।
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US Iran Tensions: तैनाती की रणनीतिक अहमियत
अमेरिकी नौसेना के पास कुल सिर्फ 11 एयरक्राफ्ट कैरियर हैं, इसलिए इनकी तैनाती बेहद कीमती संसाधन मानी जाती है। पिछले साल जून में ईरान और इजराइल के बीच तनाव के समय भी अमेरिका के पास क्षेत्र में दो कैरियर थे। (US Iran Tensions) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि यदि ईरान के साथ कोई समझौता नहीं होता है, तो दूसरा कैरियर भेजने पर विचार किया जाएगा।
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अरब सागर में USS अब्राहम लिंकन
अमेरिकी जंगी जहाज USS अब्राहम लिंकन पहले से ही अरब सागर में तैनात है। ईरान के कई शहर इसकी स्ट्राइक रेंज में आते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, यह जहाज अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENCOM) की जोन में पहुंच चुका है। साथ ही अमेरिका का C 37-B एयरक्राफ्ट भी ईरान के पास मौजूद है। अब अमेरिका समुद्र और आसमान दोनों से ईरान के परमाणु ठिकानों, सैन्य अड्डों और कमांड सेंटरों पर हमला करने की स्थिति में है।
