Pakistan News: पाकिस्तान की राजनीति में एक ऐसा भूचाल आ गया है जिसने रावलपिंडी के मिलिट्री हेडक्वार्टर से लेकर इस्लामाबाद के गलियारों तक हड़कंप मचा दिया है। कराची के ल्यारी में आयोजित एक विशाल जनसभा में जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (JUI-F) के अध्यक्ष मौलाना फजलुर रहमान ने सीधे पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर की नीतियों पर हमला बोल दिया।
मौलाना ने वह कह दिया जो पाकिस्तान में बोलने की हिम्मत कोई नहीं करता। उन्होंने भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और आतंकी अड्डों पर की गई स्ट्राइक का जिक्र करते हुए अपनी ही सेना से कड़े सवाल पूछे हैं। (Pakistan News) मौलाना का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान अपनी अफगानिस्तान और भारत नीति को लेकर बुरी तरह घिरा हुआ है। क्या पाकिस्तान के अंदर अब सेना का खौफ खत्म हो रहा है? आखिर क्यों एक पाकिस्तानी मौलाना भारत की जवाबी कार्रवाई को जायज ठहरा रहा है? आइए जानते हैं ल्यारी के उस जलसे की पूरी कहानी जिसने पाकिस्तान की नींव हिला दी है।
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Pakistan News: “अगर आप हमला करें तो सही, तो इंडिया पर ऐतराज क्यों?”
21 दिसंबर 2025 को कराची के ल्यारी में ‘तहफ्फुज दीनिया मदारीस कान्फ्रेंस’ को संबोधित करते हुए मौलाना फजलुर रहमान ने फौज की दोहरी नीति का पर्दाफाश किया। उन्होंने जनरल मुनीर को आईना दिखाते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान अपने दुश्मनों के ठिकानों पर स्ट्राइक को जायज बताता है, तो फिर भारत की कार्रवाई पर सवाल क्यों? मौलाना ने साफ शब्दों में कहा, “हिंदुस्तान आपसे कहता है कि मैंने बहावलपुर में हमला किया, मैंने मुरीदके में हमला किया, मैंने कश्मीर में हमारे खिलाफ हमला करने वाले मरकजों पर स्ट्राइक की है। (Pakistan News) आप इंडिया पर ऐतराज क्यों कर रहे हैं?” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान अफगानिस्तान के बहाने अपनी कार्रवाई को सही ठहराएगा, तो वह भारत की कार्रवाई को गलत साबित नहीं कर पाएगा।
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78 साल की अफगान पॉलिसी हुई फेल
मौलाना फजलुर रहमान ने आर्मी चीफ की अफगानिस्तान पॉलिसी की धज्जियां उड़ाते हुए कहा कि सेना की वजह से दोनों देशों के रिश्ते गर्त में चले गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि पाकिस्तान हमेशा से प्रो-पाकिस्तान अफगान सरकार चाहता था, लेकिन जाहिर शाह से लेकर अशरफ गनी तक, हर सरकार प्रो-इंडिया रही है। (Pakistan News) मौलाना ने कहा कि जब आप काबुल पर बमबारी करेंगे, तो तालिबान उसे कैसे बर्दाश्त करेगा? यह वैसा ही है जैसे कोई इस्लामाबाद पर हमला करे। उन्होंने सेना से पूछा कि क्या 78 सालों में हमारी अफगान पॉलिसी पूरी तरह नाकाम नहीं हो गई है? मौलाना ने जोर देकर कहा कि हमें दूसरों पर इल्जाम लगाने के बजाय अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ और भारत का करारा जवाब
मौलाना का यह गुस्सा भारत द्वारा हाल ही में किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बाद फूटा है। गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारतीय सेना ने 7 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। (Pakistan News) इस सटीक मिलिट्री ऑपरेशन में भारत ने पाकिस्तान और PoK के अंदर घुसकर मुरीदके, बहावलपुर और मुजफ्फराबाद जैसे 9 बड़े आतंकी ठिकानों को मटियामेट कर दिया था। इस हमले में 100 से ज्यादा आतंकी ढेर हुए थे और पाकिस्तान के कई एयरबेस तबाह हो गए थे। इसी स्ट्राइक का हवाला देकर अब मौलाना फजलुर रहमान अपनी सेना को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेनकाब कर रहे हैं।
नई सरकार और नए चुनावों की मांग
सिर्फ विदेशी नीति ही नहीं, मौलाना ने पाकिस्तान की घरेलू राजनीति पर भी हमला बोला। उन्होंने मौजूदा सरकार को ‘वोट रिंगिंग’ (धांधली) से बनी सरकार बताया और देश में तुरंत नए चुनावों की मांग की। (Pakistan News) उन्होंने कहा कि सेना के दखल वाली यह सरकार पाकिस्तान को बर्बादी की ओर ले जा रही है।
