Rahul Gandhi Germany Visit: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार, 17 दिसंबर 2025 को जर्मनी की राजधानी बर्लिन पहुंच गए। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत भारतीय ओवरसीज कांग्रेस (IOC) के कार्यकर्ताओं ने किया। उनका यह विदेश दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत में संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है। इसी वजह से राहुल गांधी की गैरमौजूदगी को लेकर देश की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है।
भारतीय ओवरसीज कांग्रेस के अनुसार, राहुल गांधी बर्लिन में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम में यूरोप के अलग-अलग देशों में कांग्रेस संगठन से जुड़े नेताओं और पदाधिकारियों से उनकी मुलाकात होगी। (Rahul Gandhi Germany Visit) इसके अलावा वे वहां रह रहे प्रवासी भारतीयों से भी संवाद करेंगे। बताया जा रहा है कि इन बैठकों में एनआरआई से जुड़े मुद्दों, भारतीय राजनीति, लोकतंत्र और कांग्रेस की विचारधारा को आगे बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा होगी। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी 20 दिसंबर तक जर्मनी में रहेंगे और इसके बाद भारत लौटेंगे।
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कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी का यह दौरा अचानक नहीं है, बल्कि यह कई महीने पहले तय किया गया था। पार्टी का दावा है कि संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले ही उन्हें जर्मनी से आधिकारिक आमंत्रण मिल चुका था। (Rahul Gandhi Germany Visit) कांग्रेस के अनुसार, इस यात्रा का मकसद छात्रों, शिक्षाविदों और प्रवासी भारतीय समुदाय से बातचीत करना है, ताकि वैश्विक राजनीति, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक मुद्दों पर विचार साझा किए जा सकें।
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Rahul Gandhi Germany Visit: संसद सत्र में विदेश दौरे पर बीजेपी का हमला
हालांकि, संसद सत्र के बीच राहुल गांधी के विदेश जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि संसद के अहम सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष का देश से बाहर होना गलत संदेश देता है। (Rahul Gandhi Germany Visit) बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी ने फिर साबित कर दिया कि वे संसद से ज्यादा विदेश यात्राओं में रुचि रखते हैं। बीजेपी का आरोप है कि जब संसद में महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होनी है, तब नेता प्रतिपक्ष का मौजूद रहना जरूरी होता है।
जर्मनी से तस्वीर सामने
इस बीच जर्मनी से राहुल गांधी की पहली तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा के साथ नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस दौरे के दौरान राहुल गांधी कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और जर्मन पक्ष के लोगों से भी बातचीत करेंगे। (Rahul Gandhi Germany Visit) भारत में इसी समय संसद में कई अहम विधेयक पेश होने वाले हैं। इनमें मनरेगा योजना के नाम में बदलाव से जुड़ा प्रस्ताव भी शामिल है। इसे देखते हुए कांग्रेस ने अपने सभी सांसदों को अगले तीन दिनों तक संसद में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया है। हालांकि, राहुल गांधी इस दौरान संसद में मौजूद नहीं रहेंगे।
संख्या के लिहाज से सरकार को खतरा नहीं
कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी की अनुपस्थिति से किसी भी विधेयक के पास होने या न होने पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। लोकसभा में कांग्रेस के 99 सांसद हैं, जबकि पूरे विपक्ष के पास कुल 234 सांसद हैं। इसके मुकाबले एनडीए के पास 291 सांसद हैं, जिससे साफ है कि संख्या के लिहाज से सरकार को कोई खतरा नहीं है। (Rahul Gandhi Germany Visit) इसके बावजूद बीजेपी इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर लगातार हमला कर रही है।
व्हिप उल्लंघन को लेकर उठ रहे सवालों पर कांग्रेस सूत्रों ने साफ किया है कि पार्टी की परंपरा में कुछ अपवाद होते हैं। अगर कोई सांसद पहले से सूचना देकर अनुपस्थित रहता है, तो उस पर व्हिप लागू नहीं होता। कांग्रेस ने बताया कि राहुल गांधी ने जर्मनी रवाना होने से पहले ही संसदीय कार्यालय को अपनी यात्रा की जानकारी दे दी थी। (Rahul Gandhi Germany Visit) इसके अलावा व्हिप उनके जाने के बाद जारी किया गया, इसलिए उनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जाएगी। कुल मिलाकर, राहुल गांधी का जर्मनी दौरा राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। एक तरफ कांग्रेस इसे पहले से तय और जरूरी अंतरराष्ट्रीय संवाद बता रही है, तो दूसरी तरफ बीजेपी इसे संसद के प्रति लापरवाही के तौर पर पेश कर रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और तेज होने की संभावना है।
