Rajnath Singh News: देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के बेहद सख्त रुख को दोहराते हुए कहा कि देश का आतंकवाद-रोधी अनुभव सिर्फ सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दशकों तक वास्तविक रूप से सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने से हासिल हुआ है। फिलीपींस के सेबू शहर में आयोजित 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक प्लस (ADMM-Plus) को संबोधित करते हुए उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए भारत की रणनीति वास्तविक अभियानों में परखी जा चुकी है।
Rajnath Singh News: आतंकवाद के खिलाफ भारत का अनुभव जमीनी
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आतंकवाद-रोधी क्षेत्र में भारत का अनुभव केवल कक्षा में सीखे गए सिद्धांतों या किताबी ज्ञान पर आधारित नहीं है। भारत ने दशकों से सीमा पार आतंकवाद और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना किया है। इसी अनुभव के आधार पर देश ने आतंकवाद से निपटने के लिए अपनी क्षमताओं और रणनीतियों को विकसित किया है।
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रक्षा मंत्री ने राज्य-प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा मजबूत करना और आतंकवाद को जड़ से समाप्त करना भारत की प्राथमिकताओं में शामिल है। उनके बयान को आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख और व्यावहारिक अनुभव को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सामने रखने के कोशिशों के तौर पर देखा जा रहा है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ का किया उल्लेख
अपने संबोधन के दौरान रक्षा मंत्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए इसे आतंकवाद से निपटने के भारत के दृष्टिकोण का एक अहम उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने आतंकवादी ढांचे के खिलाफ भारत की कार्रवाई और राज्य-प्रायोजित आतंकवाद के प्रति उसके रुख को साफ़ किया।
ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए सिर्फ नीतियां बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि वास्तविक रूप से परिस्थितियों में उनका प्रभावी क्रियान्वयन भी आवश्यक है। भारत का अनुभव अन्य देशों के लिए भी आतंकवाद-रोधी क्षमताओं को मजबूत करने के लिहाज से उपयोगी हो सकता है।
ADMM-Plus देशों के साथ सहयोग पर जोर
राजनाथ सिंह ने बैठक में शामिल देशों से आतंकवाद के खिलाफ अपने व्यावहारिक अनुभव साझा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संयुक्त सैन्य अभ्यास, क्षमता निर्माण कार्यक्रम और मजबूत खुफिया जानकारी साझा करने जैसे उपायों से क्षेत्रीय सुरक्षा को और बेहतर बनाया जा सकता है।
उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयासों की ज़रूरतों पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक, देशों के बीच सहयोग और समन्वय मजबूत होने से आतंकवाद जैसी साझा चुनौतियों से निपटने की क्षमता बढ़ सकती है।
फिलीपींस विमान हादसे पर जताया दुख
अपने संबोधन की शुरुआत में रक्षा मंत्री ने 23 अक्टूबर को फिलीपींस में हुए विमान हादसे में फिलीपीन वायु सेना के चार पायलटों की मौत पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों और फिलीपींस के सशस्त्र बलों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में भारत उनके साथ खड़ा है।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में ASEAN की भूमिका अहम
राजनाथ सिंह ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आसियान (ASEAN) की केंद्रीय भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने खुले, समावेशी और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही भारत और ASEAN के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को साझा हितों, आपसी सम्मान और व्यावहारिक सहयोग पर आधारित बताया।
कुल मिलाकर, ADMM-Plus मंच पर राजनाथ सिंह का संबोधन आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति, ऑपरेशन सिंदूर के महत्व और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित रहा। भारत ने इस मंच के जरिए आतंकवाद से निपटने में अपने अनुभव को साझा करने और सहयोगी देशों के साथ सामूहिक सुरक्षा बढ़ाने का संदेश दिया।
