Flydubai Flight FZ1073: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए कथित आतंकी हमले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, फ्लाइट के ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने सितंबर की घटना से काफी पहले ही इजरायल में विमान को क्रैश करने की योजना बना ली थी। दावा है कि जुलाई में उसने बेन गुरियन एयरपोर्ट को निशाना बनाने की साजिश रची थी, लेकिन आखिरी समय पर इस योजना को रद्द कर दिया।
रिपोर्टों के मुताबिक, हम्मामी ने UAE में पूछताछ के दौरान कथित तौर पर जांचकर्ताओं को बताया कि उसने जून में ही बेन गुरियन एयरपोर्ट से जुड़ी जानकारी जुटानी शुरू कर दी थी। इसके बाद जुलाई में उसने एक विमान को एयरपोर्ट पर क्रैश करने की योजना बनाई। हालांकि, जिस फ्लाइट को निशाना बनाने की कथित योजना थी, उसके क्रू में उसका एक परिचित भी था। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इसी वजह से उसने ऐन वक्त पर अपना प्लान बदल दिया।
यह जानकारी सऊदी अरब और UAE में हुई जांच से इजरायली मीडिया तक पहुंची है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इजरायली जांचकर्ताओं ने अभी हम्मामी से सीधे पूछताछ नहीं की है, इसलिए इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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Flydubai Flight FZ1073: तेल अवीव में विमान टकराने की थी कथित साजिश
रिपोर्टों के मुताबिक, हम्मामी की कथित योजना केवल विमान का नियंत्रण हासिल करने तक सीमित नहीं थी। वह पहले कॉकपिट पर कब्जा कर उड़ान को सामान्य तरीके से जारी रखना चाहता था। इसके बाद तेल अवीव के पास लैंडिंग के दौरान आखिरी क्षण में विमान को किसी इमारत या दूसरे विमान से टकराने की कथित योजना थी।
यानी जांच में सामने आ रही जानकारी के मुताबिक, फ्लाइट के लैंडिंग फेज को ही हमले के लिए इस्तेमाल करने की योजना बनाई गई थी।
फ्लाईदुबई को ही क्यों चुना?
इजरायली मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, हम्मामी ने कथित तौर पर जानबूझकर ऐसी फ्लाइट की तलाश की थी जो तेल अवीव जाती हो। इसी वजह से उसने फ्लाईदुबई को चुना।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि विमान को निशाना बनाने की कथित योजना फ्लाईदुबई में उसकी नौकरी मिलने से पहले ही बनाई जा चुकी थी। अगर जांच में यह दावा पुष्ट होता है तो इससे यह सवाल और गंभीर हो जाता है कि हम्मामी एयरलाइन के कॉकपिट तक कैसे पहुंचा।
कॉकपिट में कुल्हाड़ी से किया कप्तान पर हमला
30 सितंबर को फ्लाइट FZ1073 में हम्मामी ने कथित तौर पर कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया। रिपोर्टों के मुताबिक, उसने विमान में आपात स्थिति के लिए रखी गई क्रैश-ऐक्स का इस्तेमाल किया।
हमले के बावजूद कैप्टन कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद यात्रियों ने हम्मामी को काबू किया। विमान में मौजूद ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने स्थिति संभाली और फ्लाइट को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक में उतारा गया।
रिपोर्टों के मुताबिक, विमान इस दौरान करीब 16,000 फीट की तेज गिरावट से गुजरा। फ्लाइट में 180 से अधिक लोग सवार थे।
UAE में हो सकती है कड़ी कार्रवाई
फ्लाईदुबई विमान को हाईजैक करने के कथित प्रयास के मामले में हम्मामी UAE की हिरासत में है। Ynet की रिपोर्ट के मुताबिक, अमीरात के एक वरिष्ठ सूत्र ने दावा किया है कि अबू धाबी उसके खिलाफ मौत की सजा समेत सबसे कड़ी कार्रवाई चाहता है।
हालांकि, अभी तक हम्मामी के खिलाफ कोई अंतिम सजा नहीं सुनाई गई है। मामले की जांच जारी है और उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों तथा सामने आए दावों की कानूनी प्रक्रिया के दौरान जांच होगी।
पहले भी उठे थे हम्मामी को लेकर सवाल
इस घटना ने पायलटों की भर्ती और सुरक्षा जांच को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। AP की रिपोर्ट के मुताबिक, हम्मामी को पहले ओमान में उड़ान भरने से प्रतिबंधित किया गया था और उसके कथित चरमपंथी विचारों को लेकर चिंताएं सामने आई थीं।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि अगर उसके खिलाफ पहले से सुरक्षा संबंधी चिंताएं थीं, तो वह फ्लाईदुबई में भर्ती होकर कॉकपिट तक कैसे पहुंचा।
फ्लाईदुबई मामले की जांच में सामने आ रही जुलाई की कथित साजिश, बेन गुरियन एयरपोर्ट की पहले से की गई कथित रेकी और सितंबर में फ्लाइट के अंदर हुए हमले के बीच संबंधों की भी जांच की जा रही है। हालांकि, इन सभी दावों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
