Trump Warns Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाया है। रविवार को ट्रंप ने ईरान को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका ने उसके आसपास सैन्य तैनाती बढ़ा दी है। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि अमेरिका अब भी कूटनीति के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है।
Trump Warns Iran: ईरान के करीब अमेरिकी सैन्य तैनाती
फ्लोरिडा में मीडिया से बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास दुनिया के सबसे बड़े और ताकतवर युद्धपोत हैं, जो इस समय ईरान के बेहद करीब तैनात किए गए हैं। (Trump Warns Iran) उन्होंने कहा कि यह तैनाती किसी दबाव की रणनीति का हिस्सा है, ताकि ईरान को बातचीत की मेज पर लाया जा सके।
डील को लेकर जताई उम्मीद
ट्रंप ने कहा कि उन्हें अब भी उम्मीद है कि अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता हो सकता है। उन्होंने कहा, “अगर हम डील नहीं करते हैं, तो हमें यह देखना होगा कि कहां कमी रह गई। (Trump Warns Iran) लेकिन मेरी पूरी कोशिश है कि बातचीत के जरिए हल निकाला जाए।” ट्रंप के इस बयान से यह संकेत मिलता है कि अमेरिका सैन्य और कूटनीतिक दोनों विकल्प खुले रखना चाहता है।
- Advertisement -
ईरान को खुली धमकी
अपने बयान में ट्रंप ने ईरान को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिकी जहाज ईरान की दिशा में बढ़ रहे हैं और वे पूरी तरह से सक्षम हैं। (Trump Warns Iran) उन्होंने कहा, “ईरान शायद डील नहीं करना चाहता, लेकिन मुझे भरोसा है कि आखिरकार समझौता हो जाएगा। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो आगे क्या करना है, यह हम देखेंगे।”
Also Read –The 50 Eviction: द 50 में हुआ एक और शॉकिंग एविक्शन, नाम सुन लगेगा झटका
ईरान की पलटवार चेतावनी
इससे पहले ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, तो इसके गंभीर परिणाम पूरे मिडिल ईस्ट में देखने को मिलेंगे। खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अमेरिका को समझना चाहिए कि युद्ध की शुरुआत पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर सकती है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ती चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से मिडिल ईस्ट में हालात और संवेदनशील होते जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि दोनों देश टकराव की बजाय बातचीत का रास्ता अपनाते हैं या नहीं।
