Trump on Iran Situation: ईरान में बिगड़ते हालात को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ती जा रही है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में हो रहे प्रदर्शनों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका ईरान की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आज किसी की मौत होती है तो इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। उनके इस बयान को ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा हालात से जोड़कर देखा जा रहा है। ट्रंप की चेतावनी के बाद वैश्विक राजनीति में एक बार फिर तनाव के संकेत नजर आने लगे हैं। (Trump on Iran Situation) रिपोर्ट के अनुसार, यदि हालात और बिगड़ते हैं और शासन पर खतरा बढ़ता है, तो ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई देश छोड़कर रूस की राजधानी मॉस्को जा सकते हैं।
Trump on Iran Situation: मॉस्को जा सकते हैं खामेनेई
ईरान में बीते दिनों से जारी विरोध प्रदर्शनों की आग थमने का नाम नहीं ले रही है। बढ़ती अशांति के बीच अब एक अहम और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। (Trump on Iran Situation) एक खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, यदि हालात और बिगड़ते हैं और शासन पर खतरा बढ़ता है, तो ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई देश छोड़कर रूस की राजधानी मॉस्को जा सकते हैं। यह जानकारी ब्रिटिश अखबार द टाइम्स के साथ साझा की गई एक इंटेलिजेंस रिपोर्ट में सामने आई है।
खामेनेई का ‘प्लान-बी’ पहले से तैयार
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 86 वर्षीय खामेनेई उस स्थिति में तेहरान छोड़ सकते हैं, जब सुरक्षा एजेंसियां बढ़ते प्रदर्शनों को नियंत्रित करने में विफल रहती हैं या अशांति के बीच उनका समर्थन कमजोर पड़ जाता है। (Trump on Iran Situation) ऐसे हालात में वे अपने परिवार और बेहद करीबी सहयोगियों के साथ देश से बाहर निकलने की योजना पर काम कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, खामेनेई का ‘प्लान-बी’ पहले से तैयार है। इस योजना के तहत वे अपने बेटे और संभावित उत्तराधिकारी मोजतबा सहित करीब 20 करीबी लोगों के साथ ईरान छोड़ सकते हैं।
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बताया जा रहा है कि देश से बाहर निकलने के लिए सुरक्षित रास्तों और विदेशों में संपत्तियों की व्यवस्था पहले ही की जा चुकी है। गौरतलब है कि दिसंबर 2024 में सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद भी सत्ता गंवाने के बाद रूस भाग गए थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जून में इजराइल के साथ हुए 12 दिनों के युद्ध के बाद खामेनेई शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर नजर आ रहे हैं, जिससे मौजूदा हालात को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।
