India Russia Oil Import: अमेरिका के 25 फीसदी टैरिफ का भारत और रूस के बीच कच्चे तेल की खरीद पर कोई असर नहीं पड़ा है। पिछले पांच महीनों में भारत ने रूस से रिकॉर्ड स्तर पर कच्चा तेल खरीदकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यूरोपीय रिसर्च सेंटर सीआरईए (CREA) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार नवंबर 2025 में भारत का रूस से कच्चा तेल आयात 4 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ डॉलर 2.6 अरब (करीब 2.15 खरब रुपये) तक पहुंच गया, जो पिछले पांच महीनों में सबसे अधिक है।
India Russia Oil Import: चीन के बाद दुनिया का दूसरा बड़ा खरीदार
रिपोर्ट के मुताबिक नवंबर में भारत रूसी कच्चे तेल के मामले में चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बन गया है। चीन ने रूस के कुल निर्यात का 47 प्रतिशत तेल खरीदा है, जबकि भारत ने 38 प्रतिशत हिस्सेदारी नाम की है। (India Russia Oil Import) अक्टूबर में भारत ने रूस से डॉलर 2.5 अरब का कच्चा तेल खरीदा था। यह खरीद बताती है कि अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद, रियायती दरों पर रूसी तेल खरीदना भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक हितों के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है।
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यूएसए ने तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए
रूस की फंडिंग सीमित करने के उद्देश्य से अमेरिका ने 22 अक्टूबर को रोसनेफ्ट और ल्यूकऑयल जैसी बड़ी तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए थे। (India Russia Oil Import) हालांकि सीआरईए की रिपोर्ट बताती है कि इन प्रतिबंधों का असर सीमित रहा है। जहां निजी क्षेत्र की तेल कंपनियों ने अस्थायी रूप से आयात कम किया, वहीं इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन जैसी सरकारी तेल कंपनियों ने गैर-प्रतिबंधित रूसी आपूर्तिकर्ताओं से खरीद 22 प्रतिशत तक बढ़ा दी। रूस से आयात किए गए कच्चे तेल को रिफाइन कर पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन में बदला जाता है।
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फाइंड ईंधन की एक बड़ी मात्रा खरीदी
भारत न सिर्फ इसका उपयोग घरेलू जरूरतों के लिए करता है, बल्कि बड़ी मात्रा में इसे निर्यात भी किया जाता है। सीआरईए के अनुसार नवंबर में भारत और तुर्किये की रिफाइनरियों ने 80.7 करोड़ मूल्य का रिफाइंड ईंधन निर्यात किया। (India Russia Oil Import) इस निर्यात में से 30.1 करोड़ मूल्य के उत्पाद रूसी कच्चे तेल से बने थे। रिफाइंड ईंधन की एक बड़ी मात्रा ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और अमेरिका जैसे देशों को भेजी गई, जिन्होंने यूरोपीय संघ के विपरीत, रूसी कच्चे तेल से बने ईंधन पर प्रतिबंध नहीं लगाया है।
ऑस्ट्रेलिया को निर्यात 69 प्रतिशत बढ़ा
नवंबर में ऑस्ट्रेलिया को निर्यात 69 प्रतिशत बढ़ गया, जो पूरी तरह गुजरात स्थित जामनगर रिफाइनरी से भेजा गया था। दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक भारत, 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद रूस से रियायती दरों पर तेल खरीदने वाला एक प्रमुख ग्राहक बन गया है। (India Russia Oil Import) कभी भारत के कुल तेल आयात में एक फीसदी से भी कम हिस्सा रखने वाला रूसी तेल अब लगभग 40 फीसदी तक पहुंच गया है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए भू-राजनीतिक दबावों के बीच भी हितों को प्राथमिकता दे रहा है।
