US double policy exposed: अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इन दिनों ज़बरदस्त हलचल मची हुई है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे के ठीक बाद जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत आने की खबरें दुनिया भर के चैनलों पर चलने लगीं, तो इसे भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक की सबसे बड़ी जीत माना गया। लेकिन… कुछ ही घंटों में हालात पलट गए। ट्रंप का अचानक नरम रुख से सख्त रुख में बदलना दुनिया के लिए बेहद चौंकाने वाला रहा।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को टेरिफ में राहत देने और व्यापारिक सहयोग बढ़ाने की बातें चल रही थीं। देश की मीडिया तक यह खबर भी पहुंची कि ट्रंप ने भारत पर लगे पुराने टेरिफ को हटाने के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। (US double policy exposed) ऐसे में लोगों को लगने लगा कि अमेरिका इस बार सच में भारत से दोस्ती का हाथ स्वयं आगे बढ़ा रहा है। लेकिन कहानी में बड़ा ट्विस्ट तब आया जब वाइट हाउस की एक सीक्रेट मीटिंग का वीडियो लीक हो गया और दुनिया को ट्रंप का असली चेहरा दिख गया।
US double policy exposed: सीक्रेट मीटिंग में फूटा ट्रंप का गुस्सा
फुटेज में साफ़ दिखाई दिया कि ट्रंप अमेरिकी किसानों के साथ मीटिंग कर रहे थे। गंभीर चर्चा चावल के आयात को लेकर चल रही थी और जैसे ही भारत का नाम आया, ट्रंप भड़क उठे। (US double policy exposed) अधिकारियों ने बताया कि भारत को कुछ टेरिफ छूट देने पर बातचीत जारी है। यह सुनते ही ट्रंप का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका में सस्ता चावल बेचकर बाजार पर कब्जा कर रहा है और इस पर नए टेरिफ लगाने की आवश्यकता है।
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ट्रंप को इस बात का अंदेशा भी नहीं था कि इस सीक्रेट मीटिंग की पूरी बातचीत बाहर आ जाएगी। लेकिन फुटेज लीक होते ही वैश्विक राजनीति में भूचाल आ गया है। (US double policy exposed) अब सवाल खड़े होने लगे हैं कि क्या ट्रंप भारत दौरे का केवल राजनीतिक दिखावा कर रहे थे या वह दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए पीछे से भारत के खिलाफ ‘बड़ा प्लान’ तैयार कर रहे थे?
दौरा हो सकता है रद्द
अब.. भारत ट्रंप के इस दोहरे रवैये से भड़क उठा है। विदेश मंत्रालय ने साफ़ शब्दों में कहा कि भारत किसी भी देश की डबल पॉलिसी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा। उच्चस्तरीय बैठकों के बाद निर्णय लिया गया कि जब तक अमेरिका अपनी नीति स्पष्ट नहीं कर लेता, तबतक के लिए ट्रंप की यात्रा पर रोक लगा दी जाए।
भारतीय अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल व्यापार का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सम्मान का है, जिसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। (US double policy exposed) अमेरिका पहले भी कई बार भारत को सपोर्ट का वादा कर बाद में पीछे हट चुका है, लेकिन इस बार भारत पीछे हटने को बिलकुल भी तैयार नहीं है।
ये है अमेरिका के लिए बड़ी चेतावनी
इस विवाद में बेहद दिलचस्प मोड़ उस वक़्त आया जब चीन, जो हमेशा से ही भारत का तगड़ा विरोध करता आया है, वह अब खुलकर भारत के समर्थन में आ गया। (US double policy exposed) चीन ने कहा कि यदि भारत और चीन साथ खड़े हो जाएं, तो वैश्विक व्यापार में अमेरिका कुछ भी नहीं बिगाड़ पायेगा। चीन का कहना है कि दोनों देश मिलकर दुनिया का तकरीबन 60% एक्सपोर्ट नियंत्रित करते हैं। ऐसी स्थिति में अगर भारत और चीन एक साथ आ जायें, तो अमेरिका की सप्लाई चेन और कृषि बाजार पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।
दुनिया का बदलता शक्ति संतुलन
भारत केवल चावल ही नहीं, बल्कि दवाइयां, टेक्सटाइल, मसाले, प्रोसेस्ड ऑयल और रिफाइंड पेट्रोलियम का भी बड़ा निर्यातक है। रूस से सस्ता तेल खरीदकर विश्वभर को रिफाइंड तेल बेचने की क्षमता ने भारत को ऊर्जा बाजार में भी बड़ा खिलाड़ी बना दिया है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की तेज़ी से बढ़ती ताकत अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है। आगामी कुछ सालों में भारत दुनिया की टॉप 3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने वाला है और ऐसे में अब भारत पर अमेरिका पुराने ढंग से दबाव नहीं बना सकता।
क्या ट्रंप दौरा हमेशा के लिए रद्द हो जाएगा?
ट्रंप के कड़े रुख के बाद अब अमेरिका पर दबाव बढ़ गया है। भारत सजग, मजबूत और यह साफ़ कर चुका है कि वह किसी भी कीमत पर झुकेगा वाला नहीं है। ट्रंप को अपनी नीति को लेकर अब निर्णायक कदम उठाना होगा। (US double policy exposed) यदि उन्होंने अपनी दोहरी राजनीति नहीं बदली, तो भारत दुनिया को यह संदेश देने पर मजबूर हो सकता है कि उसके लिए सम्मान और संप्रभुता सर्वोपरि है।
देखा जाए तो अब… यह विवाद सिर्फ भारत-अमेरिका तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि आगामी दिनों में वैश्विक शक्ति संतुलन को भी बदल सकता है। (US double policy exposed) इसी के साथ दुनिया अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है, जहां भारत एक बड़ी शक्ति बनकर उभर रहा है और इस स्थिति में किसी भी ‘सुपरपावर’ को हल्के में नहीं लेने की गलती नहीं करनी चाहिए।
