Saudi Arabia-Pakistan aid: आर्थिक संकट और विदेशी मुद्रा भंडार की कमी से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए एक बार फिर सऊदी अरब ‘मसीहा’ बनकर सामने आया है। सऊदी अरब ने स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) में रखे अपने 3 अरब डॉलर (लगभग 25 हज़ार करोड़ रुपये) के डिपॉजिट की मैच्योरिटी को एक साल के लिए बढ़ा दिया है। (Saudi Arabia-Pakistan aid) सऊदी के इस बड़े फैसले से पाकिस्तान को चल रही लिक्विडिटी (तरलता) चुनौतियों के बीच बड़ी राहत मिली है, जिससे देश के फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व को मजबूत करने में फौरन मदद मिली है।
रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब के इस कदम से पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती मिलेगी, आर्थिक स्थिरता आएगी और देश के विकास को गति मिलने की उम्मीद है। (Saudi Arabia-Pakistan aid) स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की है कि यह देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने में सहायक साबित होगा।
Saudi Arabia-Pakistan aid: दिसंबर 2026 तक टली वित्तीय चिंता
सऊदी अरब ने यह बड़ी वित्तीय राहत सऊदी फंड फॉर डेवलपमेंट (SFD) के माध्यम से पाकिस्तान को दी है। यह जमा सुविधा साल 2021 से पाकिस्तान को मिलती रही है और देश की मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिरता को सहारा देने के लिए इसे बार-बार बढ़ाया जाता रहा है। (Saudi Arabia-Pakistan aid) बैंक में जमा यह रकम मूल रूप से 8 दिसंबर, 2025 को परिपक्व (मैच्योर) होने वाली थी, लेकिन सऊदी के फैसले के बाद अब यह दिसंबर 2026 तक स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) के पास रहेगी।
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SBP ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि सऊदी का यह फैसला पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने में मदद करेगा और देश के आर्थिक विकास और प्रगति में योगदान देगा। पाकिस्तानी अधिकारियों का मानना है कि इस विस्तार से पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के महत्वपूर्ण लक्ष्यों को पूरा कर सकेगा।
पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार की स्थिति
यह राहत ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान आर्थिक स्तर पर संवेदनशील स्थिति में है। इस साल 30 नवंबर तक पाकिस्तान का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 19.59 अरब डॉलर था।
केंद्रीय बैंक (SBP) के पास: 14.57 अरब डॉलर
वाणिज्यिक बैंकों के पास: 5.01 अरब डॉलर
हालांकि, हालिया समय में SBP के भंडार में मामूली वृद्धि हुई है, लेकिन किसी भी बड़े भुगतान या ऋण पुनर्गठन के लिए देश को बाहरी समर्थन की सख्त जरूरत है। (Saudi Arabia-Pakistan aid) विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात में सऊदी अरब द्वारा जमा राशि का विस्तार करना पाकिस्तान के लिए एक बड़ी वित्तीय राहत है। इससे देश को वित्तीय सुधारों, ऋण प्रबंधन और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) कर्ज के पुनर्गठन के लिए महत्वपूर्ण समय मिल गया है। यह पाकिस्तान के आर्थिक अस्तित्व के लिए एक बड़ी मदद है और यह दर्शाता है कि सऊदी अरब अभी भी पाकिस्तान के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक है।
