Zubeen Garg Death Case: असम के लोकप्रिय गायक और सांस्कृतिक प्रतीक जुबिन गर्ग की मौत के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने विधानसभा में इस घटना पर बड़ा बयान देते हुए साफ कहा कि पहली नजर में यह मामला किसी हादसे या लापरवाही से हुई मौत का नहीं, बल्कि एक स्पष्ट हत्या का है। सरमा ने बताया कि सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय जुबिन गर्ग की मौत ने शुरू से ही कई सवाल खड़े किए थे। (Zubeen Garg Death Case) जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस को यकीन हो गया कि यह एक सोची-समझी साजिश है। इसी आधार पर जांच शुरू होते ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 यानी हत्या का आरोप भी जोड़ा गया।
Zubeen Garg Death Case: SIT की कार्रवाई, 7 गिरफ्तार, सैकड़ों बयान दर्ज
मुख्यमंत्री ने बताया कि मामले की जांच के लिए बनाई गई विशेष जांच दल (SIT) अभी तक:7 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, 252 गवाहों के बयान दर्ज कर चुकी है, 29 महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए हैं, सरमा के अनुसार, “एक व्यक्ति ने जुबिन पर हमला किया, जबकि बाकी लोग उसकी मदद कर रहे थे। जांच में 4 से 5 लोगों के नाम हत्या के आरोप में शामिल किए जाएंगे।”
चार्जशीट के बाद और पहलुओं की होगी जांच
सरमा ने आगे कहा कि दिसंबर में जब इस केस की चार्जशीट दाखिल होगी, तब जांच को और विस्तार दिया जाएगा। इसमें लापरवाही, आपराधिक विश्वासघात (क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट) और अन्य कानूनी बिंदुओं को भी शामिल किया जाएगा। (Zubeen Garg Death Case) मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि SIT एक मजबूत और तथ्य-आधारित चार्जशीट पेश करेगी। उन्होंने कहा कि हत्या के पीछे की वजह ऐसी होगी, जिसे जानकर राज्य के लोग हैरान रह जाएंगे।
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विधानसभा में विपक्ष का प्रस्ताव
मामला बेहद संवेदनशील होने के कारण विपक्ष ने विधानसभा में इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा के लिए कार्य स्थगन प्रस्ताव पेश किया। मुख्यमंत्री ने खुद अध्यक्ष से इसे स्वीकार करने का अनुरोध किया और इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। (Zubeen Garg Death Case) सरकार ने साफ किया कि सत्ता पक्ष की ओर से इस मामले पर अनावश्यक चर्चा नहीं होगी और केवल आवश्यक जवाब दिए जाएंगे, ताकि जांच पर कोई असर न पड़े। (Zubeen Garg Death Case) अध्यक्ष ने भी सभी सदस्यों से कहा कि वे ऐसी कोई टिप्पणी न करें जिससे जांच की दिशा प्रभावित हो।
जुबिन गर्ग की अचानक मौत—एक रहस्य
19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय जुबिन गर्ग की मौत हो गई थी। सिंगापुर पुलिस ने इसे पानी में डूबने से हुई मौत बताया था, लेकिन शुरू से ही यह दावा किया जा रहा था कि उनकी मौत स्वाभाविक नहीं बल्कि संदिग्ध है। (Zubeen Garg Death Case) 52 वर्षीय जुबिन गर्ग भारत के उन चुनिंदा कलाकारों में थे जिन्होंने असम की संस्कृति को दुनिया तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने 40 भाषाओं में करीब 38,000 गाने गाए, फिल्म गैंगस्टर के गाने ‘या अली’ से वे पूरे देश में छा गए, पूर्वोत्तर क्षेत्र में वह एक उम्मीद, कला और पहचान के रूप में देखे जाते थे, उनकी मौत के बाद असम में शोक की लहर फैल गई। कई जगह स्कूलों और दुकानों ने श्रद्धांजलि के तौर पर अपने संस्थान बंद रखे, और लाखों लोग उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
आगे क्या?
जैसे-जैसे SIT की जांच आगे बढ़ रही है, यह मामला और गंभीर होता जा रहा है। मुख्यमंत्री के बयान ने साफ कर दिया है कि जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आने की संभावना है। अब सभी की नजरें SIT की चार्जशीट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
